• ये खामोशियाँ डस रही हैं, ये तन्हाई गवाह है,
मैं वहीं खड़ा हूँ, जहाँ से जुदा हुई हमारी राह है।
मेरी साँसें भी अब, लेती हैं तेरा ही दम...
आवाज़ दो कहाँ हो... कहाँ हो सनम?
• वादा किया था तुमने, साथ चलने का जिस राह पर,
देखो, आज खड़ा हूँ तन्हा... मैं उसी मोड़ पर।
मेरे कदमों के निशान तो हैं, मगर परछाई नहीं,
Ajay Siyaram | Writer | Shayar
"अजय सियाराम की दुनिया में आपका स्वागत है। यहाँ आपको मिलेंगी रूहानी ग़ज़लें, जज़्बातों से भरी शायरी और कहानियों का एक अनूठा सफ़र (Storytelling)। मेरी हर रचना दिल की गहराइयों से निकली एक आवाज़ है, जो आपसे जुड़ने की कोशिश करती है।"
AJAY SIYARAM
WRITER | SHAYAR
"मुझे अब दर्द भी.. ‘अजय' दर्द नहीं देता
मगर तेरी यादें ... मुझको खा जाती हैं!"
Aawaz do kahan ho Sanam || Heart Touching Nazam shayari by Ajay Siyaram
Wo Ek Sham || वो एक शाम || Hindi Heart Touching Sad Ghazal Shayari || Ajay Siyaram
सुनो...
आज फिर वही शाम उतर आई है,
मेरे कमरे की चौखट पर।
वही पुरानी उदासी, वही पुराना सन्नाटा।
मैं अभी भी वहीं बैठा हूँ,
Mai Tumhe Chahata Hun || Heart Touching Poetry by Ajay Siyaram ||
अक्सर लोग मुझसे पूछते हैं... कि मैं तुम्हें कितना चाहता हूँ?
और हर बार... मैं खामोश हो जाता हूँ।
क्योंकि 'चाहना' एक बहुत छोटा लफ़्ज़ है उस तूफ़ान के लिए, जो मेरे अंदर चलता है।
Mukarrar Saza | Hindi Sad poetry by Ajay Siyaram
लोग कहते हैं कि जुदाई के बाद इंसान टूट जाता है,
बिखर जाता है, रोता है, तमाशा करता है।
मगर मैंने... मैंने एक अलग रास्ता चुना।
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